भीगे पथ से अग्नि पथ तक
गुरुवार, 29 दिसंबर 2011
क्यों हजारों दिल हमारे ,पास आते जा रहे हैं ,
क्या तुम्हारी याद इतनी ,रूबरू हमसे हुई है //
प्यार की अंधी गली में ,लोग भटके जा रहे हैं,
क्या तुम्हारे प्यार की बस ,आबरू हमपर बची है //
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