जहाँ तक धूप खिलती है ,बिखरने की तमन्ना है ,
तुम्हारी बेकरारी से , गुजरने की तमन्ना है /
हमारा हाल मत पूछो ,जरा सीने पे सर रख दो ,
धुंए की बेशुमारी तक ,उतरने की तमन्ना है //
निगाहों ही निगाहों में ,तुम्हारा तैरना देखा ,
सुबह की ओस को देखा , नदी की धार को देखा ,
जहाँ तक रेत फैली है ,छलकने की तमन्ना है /
हमारे प्यार के रस्ते ,हजारों मील जाते है ,
कभी तुम पास आते हो , कभी हम पास आते हैं /
तुम्हारी इंतजारी में ,भटकने की तमन्ना है ,
जहाँ तक धूप खिलती है ,बिखरने की तमन्ना है //
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